Business Idea: आज के समय में नौकरी पाना काफी कठिन काम है और वो भी अगर किसी इंसान की बड़ी नौकरी लग जाए तो मानकर चलिए कि उस इंसान की तो लॉटरी लग गई है। लेकिन आज हम आपको जिस इंसान की कहानी बताने जा रहे हैं उसके पास पहले से बड़ी नौकरी थी, लेकिन उस इंसान ने पहले उस नौकरी को छोड़ा और गांव जाकर एक बिजनेस शुरू किया। जिससे आज वो सालाना 2 करोड़ रुपए कमा रहा है।
ये है वो बिजनेसमैन लड़का
आज हम आपके सामने जिस लड़के की कहानी बताने जा रहे हैं उसका नाम है हरिओम नौटियाल। हरिओम उत्तराखंड के देहरादून के रहने वाले हैं। उन्होंने कंम्प्यूटर साइंस से डिग्री की हुई है। अपनी डिग्री पूरी करने के बाद वो दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों की तरफ निकल गए। वहां पर उन्हें बड़ी बड़ी कंपनियों में मौके मिले। लेकिन नौकरी के 4 साल बाद ही उन्हें लगने लगा कि अब नौकरी को छोड़कर कुछ अलग करना चाहिए। लेकिन समस्या ये थी कि एकदम से इतनी बड़ी नौकरी को छोड़ना इतना आसान नहीं था।
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वापिस गांव लौट कर शुरू किया बिजनेस
हरिओम ने 4 साल बाद विचार बनाया कि वो अब वापस अपने गांव लौट जाएंगे और वहां पर जाकर किसी तरह का बिजनेस शुरू करेंगे। लेकिन जब वो गांव पहुंचे तो उन्होंने देखा कि लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं। क्योंकि वो जिस नौकरी को छोड़कर गांव वापस आए थे वहां पर उनकी हर महीने 1 लाख रुपए तनख्वाह थी। लेकिन वो फिर भी गांव से दोबारा शहर नहीं गए।
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शुरू किया डेयरी का काम
इसके बाद हरिओम ने वापस गांव आकर एक डेयरी के Business Idea पर काम शुरू किया। शुरुआत में पैसा कम था, इसलिए उन्होंने 10 गाय रखी। उन्होंने अपने इस स्टार्टअप को पहचान दिलाने के लिए इसका नाम ‘धन्यज धेनु’ रखा। जब उन्होंने अपने इस स्टार्टअप की साल 2014 के अंदर शुरुआत की थी तो उन्हें बहुत कम आमदनी होती थी। साथ ही उनके पास किसी भी तरह की टीम नहीं थी। जिससे उन्हें काम करने में काफी ज्यादा समस्या आती थी। लेकिन जिस तरह से समय बीता उस तरह से समस्या खत्म होती गई।
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आज 2 करोड़ का टर्नओवर
आज जब उनके इस स्टार्टअप को पूरे 10 साल का समय बीत गया है तो उनका स्टार्टअप काफी ज्यादा आगे बढ़ चुका है। जिसमें काफी सारी गाय हैं। साथ ही उन्होंने एक ‘दूध संग्रह केंद्र’ बनवा रखा है। जिसके अंदर गांव के अन्य लोग भी दूध देने आते हैं। जहां से काफी दूर दूर तक दूध सप्लाई होता है। आज वो रोजाना 250 लीटर दूध का उत्पादन करते हैं। खास बात ये है कि वो कभी क्वालिटी से समझौता नहीं करते हैं। जिससे उनके साथ जो भी लोग जुड़ते हैं, वो हमेशा जुड़े ही रहते हैं।
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गांव के लोगों के लिए बने मिसाल
हरिओम आज गांव के लोगों को रोजगार तो दे ही रहे हैं। साथ ही वो गांव के लोगों के मिसाल भी बन गए हैं। क्योंकि जब उन्होंने अपनी नौकरी को छोड़ा था, तो काफी सारे लोगों ने आलोचना की थी। लेकिन वो ना तो घबराए ना ही रुके। क्योकि उनके पास उस समय अच्छी खासी नौकरी थी, जिसमें काफी अच्छी सैलरी मिलती थी। लेकिन आज उनका डेयरी का ये काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही आने वाले समय में वो इसे और ज्यादा विस्तार देने की योजना पर काम कर रहे हैं।